इन्सान जब लिखता
है कविता
इन्सांके साथ
जुड़ी हुयी सब चीजें उसमें आयेंगी.
चन्द्र,चूहा,बालम,बलगम,गधा,गुदड़ी,सूरा,सुन्दरी
पैसा,प्रभु कष्ट
काना,कौम,कलम,लेबल,
लिखना, भावना भ्रष्ट
इन्सान अंधा हो
(या दंभी)
अनुभूतिकी
सच्चाई नहीँ है हाथी की सूंढ़.
No comments:
Post a Comment